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Showing posts from April, 2019
                                                        सही ज्ञान  देवराज इंद्र और पहाड़ की  कहानी  एक पौराणिक धार्मिक ग्रन्थ के अनुसार एक जगह पर तीन पहाड़ थेः और वह तीनो एक साथ रहते थे एक बार देवराज इंद्र उनके पास गए और बोला  इस क्षेत्र मै कोई नहीं आता और मैं इस क्षेत्र का नाम रखना चाहता हु और मैं चाहता हु की तुम तीनो मैं से किसी एक का नाम रख दू  तो पहले पहाड़ ने बोला मैं यह चाहता हु की मैं सबसे ऊँचा दिखाई दू ताकि मैं सब को दूर से दिखाई दू  तो दूसरे पहाड़ ने बोला की मुझे हरा भरा कर दीजिये  ताकि लोग मेरी और आर्कर्षित हो जाये  तीसरे पहाड़ ने बोला की आप मेरी ऊंचाई को समतल कर दीजिये ताकि लोग यंहा पर रह सके और लोग यंहा पर खेती कर के अपना जीवन यापन कर सके  देवराज इंद्र ने तीनो पहाड़ो की बात सुन के उस समय वो वंहा से चले गए  लेकिन १ वर्ष होने के बाद देवराज इंद्र फिर से लोटे और दे...
भगवान् श्री इंद्र देव के चरित्र और कार्य    हिन्दू धर्म मै ३३ करोड़  देवताओं का वरण मिलता है और सभी देवताओ के कार्य अलग अलग है और भगवान् श्री इंद्र देव के जीवन से मनुष्य को शिक्षा मिलती है और भोग से योग की और कैसे चले वैसे तो भगवान् श्री इंद्र देव को देवताओ का राजा माना जाता है वही वर्षा पैदा करते है  और वही स्वर्ग पर राज करते है और बही बादलो के देवता है सफ़ेद हाथी पर सवार इंद्र का अस्त्र बज्र है इस वज्र से इंद्र मेघ और विजली को अपने तरीके से संचालित कर के शत्रुओं पर आघात करने की क्षमता रखते है  और इंद्र देव  आपार शक्तिशाली  देव है युद्ध मैं जाने से पहले जो भी प्राणी भगवान्  इन्दर देव   की पूजा अर्चना करते है वह युद्ध मै हमेशा विजयी बनते है 
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हिन्दू धर्म मै भगवान श्री इंद्र देव को देवताओं का राजा और स्वर्गलोक के अधिपति और बारिश का स्वामी कहा जाता है और इंद्र लोक के राजा भी कहते है।  Hindu Religion  Lord Indra Dev is the King of the Gods and Lord of Heaven as well as the Lord of the people and also called the king of indra lok....                                                                                      कोई भी मनुष्य जब अपने शरीर से प्राण छोड़ता है तो तो उसके कर्म  के अनुसार ही उसे दण्ड भोगने पड़ते है और उसे अपने कर्मों के अनुसार ही उसे स्वर्ग और नर्क प्राप्त होते है  अगर किसी मनुष्य को स्वर्ग लोक प्राप्तहोता है तो भगवान् श्री इंद्र देव उनके कर्मो के अनुसार ही उन्हें स्वर्ग लोक में आश्रय दिया जाता है इसलिए भगवान् श्री इंद्र देव को स्वर्ग लोक का देबता कहा जाता...