सही ज्ञान एक गांव मैं एक चोर रहता था वह चोरी करने मैं निपुण था परन्तु वह किसी भी साधु संत की बातो मैं नहीं आता था एक दिन चोर ने सोचा क्यों न राजा के महल मैं ही हाथ साफ़ कर दिया जाए और वह महल के अंदर घुस गया जैसे ही वह महल के अंदर गया तो उसने देखा की एक बहुत वड़े महात्मा का प्रवचन चल रहा था परन्तु वह महात्मा की बातो मैं नहीं आता था इतना देख के वह वंहा से भागने लगा भागते भागते जैसे ही वह भीड़ के निकट पहुंचा तो वह एक पत्थर के साथ टकरा कर गिर गया तभी महात्मा जी की अव्वाज़ उसके कानो मैं पड़ीं कही झूट नहीं बोलना चाहिए जिसका नमक खाओ उसका कभी बुरा मत करो वह इतना सुन के उठा फिर भी बह चोरी करने महल के अंदर चला गया जैसे ही वह महल के दरवार के निकट पहुंचा तो दरवान ने पूछा कौन हो तुम और महल मैं क्या कर रहे हो ? इतना सुनते हो चोर को महात...
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आखरी क्यों मनाई जाती है नाग पंचमी किसी नगर मैं एक किसान अपने परिवार सहित रहता था उसके तीन बच्चे दो लड़के और एक लकड़ी एक दिन जब वह खेत मैं हल चला रहा था तो उसके हल मैं नागिन के विंधकर तीन बच्चे मर गए बच्चो के मर जाने पर माँ नागिन विलाप करने लगी और फिर उसने अपने बच्चों को मारने वाले से बदला लेने का प्रण किया एक रात्रि को जब किसान अपने बच्चो के सो रहा था तो नागिन ने किसान उसकी पत्नी और उसके दोनों पुत्रो को डस लिया दूसरे दिन जब नागिन किसान की पुत्री को डसने आयी तो किसान कि उस कन्या ने डरकर नागिन के सामने दूध का कटोरा रख दिया और हाथ जोड़कर क्षमा मांगने लगी उस दिन नाग पंचमी थी नागिन ने प्र्स्न होकर कन्या से वर मांगने को कहा लड़की जो आपके दवरा मेरे माता पिता और भाई डसे गए है वो जीवत हो जाएं और तब नागिन ने बोला आज के दिन जो भी नागो की पूजा करेंगे उसे नाग कभी न डसेंगे और नागिन तथास्तु कहकर चली गई और किसान का परिवार जीवत हो गया उस दिन से नाग पंचमी को खेत मैं हल चलाना और साग काट...
भगवान् श्री इंद्र देव के चरित्र और कार्य हिन्दू धर्म मै ३३ करोड़ देवताओं का वरण मिलता है और सभी देवताओ के कार्य अलग अलग है और भगवान् श्री इंद्र देव के जीवन से मनुष्य को शिक्षा मिलती है और भोग से योग की और कैसे चले वैसे तो भगवान् श्री इंद्र देव को देवताओ का राजा माना जाता है वही वर्षा पैदा करते है और वही स्वर्ग पर राज करते है और बही बादलो के देवता है सफ़ेद हाथी पर सवार इंद्र का अस्त्र बज्र है इस वज्र से इंद्र मेघ और विजली को अपने तरीके से संचालित कर के शत्रुओं पर आघात करने की क्षमता रखते है और इंद्र देव आपार शक्तिशाली देव है युद्ध मैं जाने से पहले जो भी प्राणी भगवान् इन्दर देव की पूजा अर्चना करते है वह युद्ध मै हमेशा विजयी बनते है
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